विरासत महोत्सव 2026 : लोकजीवन से शास्त्रीय कला तक, भारतीय संस्कृति का उत्सव
गौतम चौधरी देहरादून में 23 अक्टूबर से 6 नवंबर तक सजेगा कला, संगीत, साहित्य और शिल्प का पंद्रह दिवसीय महाकुंभ संस्कृति किसी समाज की स्मृतियों का संग्रह भर नहीं होती। वह उसके जीवन जीने के ढंग, उसकी संवेदनाओं, लोकविश्वासों, कलात्मक अभिव्यक्तियों और पीढ़ियों से अर्जित ज्ञान का जीवंत स्वरूप होती है। जब कोई समाज अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजता है, तब वह केवल अतीत को सुरक्षित नहीं करता, बल्कि भविष्य के लिए अपनी पहचान और संभावनाओं के द्वार भी खोलता है। देहरादून में आयोजित होने वाला विरासत महोत्सव इसी विचार को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन है। उत्तराखंड की सुरम्य वादियों में बसा देहरादून एक बार फिर भारतीय कला, संगीत, नृत्य, साहित्य और लोकपरंपराओं की विविध रंगत से सराबोर होने जा रहा है। 23 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाला विरासत महोत्सव का 31वाँ संस्करण देश-विदेश के कलाकारों, शिल्पकारों, साहित्यप्रेमियों और संस्कृति के अनुरागियों को एक साझा मंच पर लाएगा। इस बार आयोजन का नया ठिकाना हिमालयन कल्चरल सेंटर, गढ़ी कैंट, देहरादून है। तीन दशक से अधिक समय से भारतीय सांस्...