कोविड 19 वैक्सीन के खिलाफ फैलाई जा रही अफ़वाह से सावधान रहें
गौतम चौधरी जब पूरी मानवता कोविद 19 महामारी के कारण अनिश्चितता की स्थिति में है और इसके परिणामस्वरूप दुनिया भर में जान माल की हानि हो रही है, ऐसे में कुछ मौक़ापरस्त और मानवता के दुश्मन दुष्प्रचार में लगे हैं। सोशली मीडिया का उपयोग कर पहले तो कोविड के वैक्सीन पर सवाल खड़ा किया गया और जब इससे मन नहीं भरा तो अब वैक्सीन में सूअर की चरबी होने का अफ़वाह फैलाने लगे हैं। दुनिया की कई वैक्सीन निर्माता कंपनियों ने कोविड टीका बनाने का दावा किया है। फ़ाइज़र, मॉडर्ना और एस्ट्राजेनेका जैसी वैक्सीन बनाने वाली बड़ी कंपनियों ने सूअर की चरबी वाले अफ़वाह पर सफाई भी दी है। कंपनियों के प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि उन्होंने अपनी वैक्सीन में जिलेटिन का इस्तेमाल नहीं किया है। मानव इतिहास में कोरोना वायरस दुनिया में सबसे खतरनाक आपदा और विनाशकारी बीमारी के रूप में सामने आया है। वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने सैकड़ों रातों की नींद हराम कर, इस खतरनाक बीमारी के प्रभाव को कम करने की क्षमता वाले नए टीके विकसित किए हैं। ऐसे में इस टीके का हमें स्वागत करना चाहिए और मानवता के रक्षक वैज्ञानिकों का धन...