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कोरोना से उबरने के बाद बदल जाएगा दुनिया का आर्थिक भूगोल

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गौतम चौधरी@ कोरोना संक्रमण से उत्पन्न वैश्विक आपदा को लेकर कई प्रकार की भविष्यवाणियां की जा रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना प्राकृतिक नहीं यह दुनिया के दो महाशक्तियों के बीच की लड़ाई का नतीजा है। कुछ जानकारों का तो यहां तक कहना है कि आने वाले समय में युद्ध का पारंपरिक तरीका बदल जाएगा और इसी प्रकार एक-दूसरे अपने विरोधियों को परास्त करने के लिए क्षद्म और कूट तरीकों का इस्तेमान करेंगे। इस वायरस के विश्वव्यापी प्रभाव और महाविनाशक क्षमता को लेकर चीन ने अमेरिका और अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाए हैं लेकिन इन दोनों देशों के आरोपों से यह तो साबित हो गया है कि इस वायरस को हथियार के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है। जो भी हो लेकिन इस जैविक आपदा के बाद दुनिया पूरी तरह बदल-बदली-सी दिखेगी। इसका आभास अभी-से होता दिख रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि वर्तमान दौर का सबसे ताकतवर देश संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) है। उसके पास दुनिया की अर्थव्यवस्था की कुंजी है। उसके पास दुनिया को मिंटों में तबाह करने वाले अत्याधुनिक हथियार हैं। उसके पास अपार खनिज संपदा है। उसके अन्न के भंडार भरे हैं...

तो क्या सचमुच सरयू राय चौथे पूर्व मुख्यमंत्री को भी भेजवाएंगे जेल?

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गौतम चौधरी  झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवार दास पर शिकंजा कसता जा रहा है। हालांकि जब वे मुख्यमंत्री थे तो उन्हीं के मंत्रिमंडलीय साथी सरयू राय ने उन्हें कई बार चेतावनी दी थी कि यदि वे नहीं संभले तो बिहार और झारखंड के तीन पूर्व मूख्यमंत्रियों की तरह उन्हें भी जेल जाने से कोई रोक नहीं सकता है। सरयू राय बिहार और झारखंड के ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने इन राज्यों के तीन-तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को जेल भिजवाया है। इन तीन में से पंडित जगन्नाथ मिश्र की मृत्यु हो चुकी है लेकिन दो अभी भी जेल के सलाकों के पीछे हैं। पंडित मिश्र बहुचर्चित चारा घोटाले मामले में दोषी थे और कई वर्षों तक जेल में रहे। इसके बाद इस घोटाले के सबसे बड़े आरोपी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव हैं, यादव को जेल तक पहुंचाने में सरयू राय की बड़ी भूमिका रही है।   आइए पहले सरयू राय को जानते हैं। सरयू राय ने 1994 में सबसे पहले पशुपालन घोटाले का भंडाफोड़ किया था। उन दिनों लालू प्रसाद यादव की तूति बोलती थी। सबसे पहले राय ने ही लालू यादव पर आरोप लगाया था। उन दिनों राय भाजपा के नेता हुआ करते थे। राय ...

प्रधानमंत्री के आह्वान से समझिए कोरोना से लड़ने के लिए भारत तैयारी सतही है

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गौतम चौधरी   कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर बीते गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्टÑ को संबोधित किया। बेहद भावपूर्ण तरीके से उन्होंने अपनी बात रखी। लोगों को जिस बात को लेकर प्रधानमंत्री से आशा थी, उस आशा पर प्रधानमंत्री खड़े तो नहीं उतरे अव्वल बिना किसी पैकेज और सब्सिडी की घोषणा के उन्होंने जनता से ही कुछ मांग कर चले गए। उन्होंने जनता को ताली और थाली बजाने का आह्वान भी किया। हालांकि यह सराहनीय है लेकिन जब संक्रमण का दूसरा और तीसरा चरण आएगा तो थाली और ताली से काम नहीं चलने वाला है। दूसरी ओर दुनिया पर जब नजर दैराते हैं तो स्थितियां भिन्न दिखती है। मसलन इटली के प्रधानमंत्री गिउसेप कोंटे ने कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझने के लिये बीते बुधवार को 25 अरब यूरो यानी 28.3 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की।  इटली के वित्त मंत्री रॉबर्टो गुआलतिएरी ने कहा कि इनमें से आधी राशि का इस्तेमाल तत्काल किया जाएगा और आधी राशि को सुरक्षित कोष में रखा जाएगा। इटली ने कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझने के लिये पिछले सप्ताह 7.5 अरब यूरो के पैकेज की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि कोरोना व...

मनातू के मउआर को आप जानते हैं क्या?

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गौतम चौधरी  पहाड़, जंगल, गांव और समुद्री द्वीपों पर कुछ कहानियां यूं भटकती आत्मा की तरह घुमती रहती है। उन कहानियों में से कुछ भूत-प्रेत, डयन-चुड़ैल की कहानियां होती है, तो कुछ राजा-रानियों व जमीनदारों के रहस्य की कहानियां होती है। कुछ अधुरी प्रेम कहानियां भी होती है। उन कहानियों में झेपक और मिथक आदि की परंपरा अनादिकाल से चलती आ रही है। ये कहानियां नानी-दादी की जुवान से नई पीढी को हस्तांतरित होती है, या फिर गांव के किस्सागो उसे बड़े भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत करते हैं। ये कहानियां समाज में लंबे समय तक अपना स्वरूप बदल-बदल कर जिंदा रहती है। कभी-कभी उन कहानियों के पात्र सजीव हो उठते हैं और लोगों के सामने आ जाता है। वह पल बड़ा रोचक होता है और रोमांचक भी होता है। उन पात्रों को देखना, उसे समझने की कोशिश करना अपने आप में अद्भुद होता है। कभी-कभी उन पात्रों के साथ कहानियां न्याय नहीं करती है क्योंकि उस पात्रों के उपर चिपका दिया गया अलंकार उसे वास्तविक स्वरूप में आने ही नहीं देता है। इस प्रकार के अलंकरण, कहानीकारों के पूर्वाग्रह का नतीजा होता है। मसलन कहानी गढ़ने वाले अपनी प्रतिभा और व्यक्...

अमेरिकी षड्यंत्र का हिस्सा तो नहीं है करोना वायरस?

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गौतम चौधरी  क्यूबा की सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी ने कोरोना वायरस की दवा विकसित करने वाली तकनीक को प्राप्त कर लेने का दावा किया है। कंपनी का दावा है कि वह जल्द कोरोना वायरस को निष्प्रभावी बनाने वाली दवा का आविष्कार कर लेगा। इधर क्यूबा की साम्यवादी सरकार ने यह भी दावा किया है कि जैसे ही कोरोना वायरस को खत्म करने वाली दवा बनेगी हम बिना किसी रुकावट के विश्व मानवता के लिए इसे संक्रमित देशों में भेजना प्रारंभ कर सकते हैं। क्यूबाई सरकार के ठीक कुछ दिन पहले जर्मनी की सरकार ने दावा किया था कि संयुक्त राज्य अमेरिका उनके यहां विकसित किए जा रहे कोरोना वायरस वैक्सीन में लगे वैज्ञानिकों को प्रभावित करने की कोशिश की थी। हालांकि जर्मनी ने यह भी दावा किया है कि उनके वैज्ञानिक अमेरिका के झांसे में नहीं आए और बेहद तन्मयता के साथ कोरोना वायरस पर काम कर रहे हैं। इस खबर को रॉयटर नामक दुनिया बेहद विश्वस्थ समाचार एजेंसी ने प्रभुखता से स्थान दिया है।  जब कोरोना फैलने लगा था तो पीपल्स रिपब्लिक आॅफ चाइना ने दावा किया था कि अमेरिका के कुछ फैजी बुहान आए थे और सबसे पहले उन्हीं फौजियों में कोरो...

बिजली संकट : डीवीसी व झारखंड सरकार के बीच गतिरोध का कारण राजनीतिक तो नहीं?

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गौतम चौधरी  विगत कुछ दिनों से झारखंड और केन्द्र सरकार के बीच बिजली को लेकर गतिरोध चल रहा है। हालांकि इस मामले में केन्द्र सरकार के किसी मंत्री का बयान तो नहीं आया है लेकिन केन्द्र की सत्तारूढ पार्टी, भाजपा के स्थानीय नेताओं के बयान से यह गतिरोध राजनीतिक रूप ग्रहण कर लिया है। दरअसल, कई बार नोटिस जारी करने के बाद जब झारखंड सरकार ने दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) का बिजली बकाया शुल्क भुगतान नहीं किया तो डीवीसी ने बिजली की आपूर्ति रोक दी। डीवीसी प्रदेश के सात जिलों के लिए 600 मेगावाट बिजली प्रतिदिन झारखंड को देती है। इस आपूर्ति के रुकते ही बिजली को लेकर हाहाकार मच गया। प्रदेश के महत्वपूर्ण सात जिलों में 18 घंटे तक बिजली की अपूर्ति ठप रहने लगी। इसके लिए झारखंड की हेमंत सरकार ने जहां केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया, वहीं स्थानीय भाजपा के नेताओं ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा। हालांकि इस मामले में कहीं न कहीं दोनों ओर से गलती के साथ ही साथ राजनीति भी हुई है। इस दोतरफी राजनीति का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।  अभी-अभी हाल ही में विधानसभा चु...

दिल्ली के दंगे को ही नहीं देखिए जरा अन्य सामाजिक सौहार्द पर भी नजर-ए-इनायत करिए जनाव

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रजनी राणा  जनाव आप दिल्ली के दंगे को देख रहे होंगे और म नही मन यह कह रहे होंगे कि सचमुच इस देश का धार्मिक ताना-बाना अब खत्म हो चुका है। तो मैं ऐसा नहीं मानती हूं। हमारे पास कुछ उदाहरण हैं, जो साबित करता है कि चंद घटनाओं से इस देश की विरासत खंडित नहीं हो सकती है। हमें ऐसे बहुत सारे उदाहरण मिले हैं लेकिन उन तमाम उदाहरणों को मैं यहां व्यक्त नहीं कर सकती। कुछ उदाहरणों को लेकर आपके पास आयी हूं। पेश भारत की गंगा-जमुनी तहजीब की वो मिसाालें जो साबित करती है कि हमारे देश में धर्म से उपर मानवत का डंका बोलता है।  मसलन....................! नागरिकता संशंसोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश में एक मुस्लिम युवक ने यूपी पुलिस के घायल सिपाही की जान बचाई थी। दरअसल, नागरिकता संशोधन अधिनियम यानी सीसीए के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान फिरोजाबाद में उग्र भीड़ द्वारा घिर जाने के बावजूद हाजी कादिर साहब खुद को बचाने के बजाए फिरोजाबाद पुलिस के एक घायल सिपाही को बचाने के लिए अपना सबकुछ दाव पर लगा दिया। बाद में उन्होंने घायल सिपाही को नजदीक के पुलिस थाने में सुरक्षित पहुं...